Thursday, July 18, 2013

sumitra arya: सुमित्रा आर्य ने किया पत्रकार जगत का नाम रोशन: सर्वाधिक मतों से पार्षद बनने के बाद जिला आयोजना समिति में भी भारी जीत

     सर्वाधिक मतों से पार्षद बनने के बाद जिला आयोजना समिति में भी भारी जीत
नागौर । जिला आयोजना समिति, नागौर के चुनाव में  लाडनूं से  प्रकाशित प्रमुख समाचार पत्र कलम कला की सम्पादक एवं पार्षद सुमित्रा आर्य शहरी क्षेत्र से सदस्य के रूप में भारी मतों से विजयी घोषित की गई। लाडनूं के सैनी समाज की श्रीमती सुमित्रा आर्य ने पूरे जिले में सर्वाधिक वोट जुटाने में सफलता हासिल की। उनकी इस जीत से समूचा पत्रकार जगत व सैनी समाज गौरवान्वित हुआ है।  शहरी क्षेत्र के तीन सदस्यों के निर्वाचन के लिए नागौर जिले की सभी दस नगरपालिकाओं के अध्यक्षो, उपाध्यक्षोंं एवं पार्षदों की बैठक बुलाई गई। इन्हीं सभी कुल 285 जनप्रतिनिधियों ने इस चुनाव प्रक्रिया में हिस्सा लिया। इसके बाद 12 जनों ने नामांकन पेश किए। इनमें से पांच ने नामांकन वापस ले लिए। सात जने मैदान में रह गए। बाद में मौेजूद 217 ने मतदान किया। मतगणना में दो मत खारिज कर दिए गए। मतदान अघिकारी अशोक कुमार खत्री ने बताया कि मतगणना के बाद दौरान सुमित्रा आर्य- लाडनूं को सर्वाधिक 106 मत मिले। ये बने सदस्य - चुनाव अघिकारी के.एम. दूडिया ने बताया कि लाडनूं की पार्षद सुमित्रा आर्य, नागौर पार्षद तौफिक रज्जा एवं मेडतासिटी के पार्षद रामनिवास भंवरिया चुने गए हैं। सुमित्रा आर्य को सर्वाधिक मत मिलने के बाद मेड़ता के रामनिवास भंवरिया व नागौर के तौफीक रजा को भी विजयी घोषित किया गया।
आयोजना समिति की स्थिति -जिला आयोजन समिति में 25 सदस्य होते हैं। इनमें पांच मनोनीत सदस्य एवं 20 निर्वाचित सदस्य होते हैं। निर्वाचित सदस्य जिले की ग्रामीण एवं शहरी जनसंख्या के अनुपात में चुने जाते हैं। जिले की ग्रामीण जनसंख्या के अनुसार 17 ग्रामीण एवं तीन शहरी सदस्य चुने जाते हैं। 17 ग्रामीण सदस्यों का चुनाव गत दिनों किया गया। समिति मे तीन शहरी सदस्य अब चुन लिए गए।
जीत पर बधाइयां व जुलूस
 जिला आयोजना समिति के चुनावों में लाडनूं के वार्ड सं. 16 से पार्षद श्रीमती सुमित्रा आर्य की जीत के बाद भारतीय जनता पार्टी में हर्ष की लहर दौड़ गई। जिले में सर्वाधिक मतों से हुई इस जीत पर पूर्व विधायक मनोहरसिंह, पालिकाध्यक्ष बच्छराज नाहटा, उपाध्यक्ष याकूब शेख, भाजपा शहर अध्यक्ष मुरलीधर सोनी, पार्षदों सहित जिलेभर के भाजपा पदाधिकारियों, नगरपालिका अध्यक्षों आदि ने उन्हें बधाई दी है। नावां के पार्षद राधेश्याम सैनी, परबतसर के अपाध्यक्ष प्रेम कुमार सैनी, पार्षद मूलचंद सैनी एडवोकेट, पार्षद घनश्याम बागड़ी  आदि ने  भी सुमित्रा आर्य की जीत पर हर्ष व्यक्त किया व उन्हें बधाइयां दी। नागौर में जिला परिषद कार्यालय में आयोजित जिला आयोजना समिति के चुनावों में तीन पदों के लिए कुल 7 उम्मीदवार मैदान में थे जिनमें भारतीय जनता पार्टी की श्रीमती सुमित्रा आर्य, तौफीक रजा व रामनिवास भंवरिया को विजयी घोषित किया गया। विजयी उम्मीदवारों में सुमित्रा आर्य लाडनूं की तरफ से उम्मीदवार थी, उन्हें कुल मतदान 217 में से सर्वाधिक 106 मत प्राप्त हुए। विजय की घोषणा के बाद नागौर में भाजपाईयों द्वारा उन्हें फूलमालाओं से लाद दिया गया तथा खुली गाडिय़ों में शहर केे मुख्य मार्गों से विजय जुलुस निकाला गया। जिला परिषद से शुरू होकर शहर के विभिन्न रास्तों से गुजरते हुए गांधी चौक पहुंचकर भारी आतिशबाजी केे साथ जुलुस का समापन किया गया। ढोल-ताशों और नारेबाजी के बीच लोगों ने सभी स्थानों पर उनका स्वागत किया। उन्होंने नागौर के प्रसिद्घ बंशीवाला मंदिर में दर्शनकर आशीर्वाद प्राप्त किया।
पहले भी बनाया जीत का रिकॉर्ड
 श्रीमती आर्य ने गत दिनों संपन्न नगरपालिका चुनावों में अपने वार्ड से सर्वाधिक 715 मतों से विजयी रहकर एक रिकॉर्ड बनाया था। जहां तक जानकारी है, नगर निगमों व नगर परिषदों को छोड़ दें तो उन्हानें समूचे राजस्थान की नगर पालिकाओं में सर्वाधिक मतों के अन्तर से जीत हासिल करने का रिकार्ड कायम किया है। लाडनूं नगर पालिका से वे दूसरी बार पार्षद के रूप में विजयी हुई है। पहले वे सन 2000 से 2005 तक बिना किसी आरक्षण के विजयी होकर पालिका में पहुंची थी।
 उनका राजनैतिक जीवन
वे भाजपा महिला मोर्चा की लम्बे समय तक जिलाध्यक्ष रह चुकी। इस पद पर रहकर उन्होंने पार्टी हित में कई कदम उठाए।  वे भाजपा खेलकूद प्रकोष्ठ की प्रदेश कार्यसमिति की सदस्य, महिला मोर्चा की प्रदेश सदस्य, भाजपा की जिला सदस्य आदि पर रहने के अलावा राजस्थान राज्य समाज कल्याण बोर्ड , जयपुर में राज्य बोर्ड की सदस्य, जिला सतर्कता समिति नागौर की सदस्य, जिला स्तरीय बीस सूत्री कार्यक्रम क्रियान्वयन समिति की सदस्य, जिला स्तरीय पुलिस समुदाय समन्वय समिति की सदस्य आदि  के रूप में अनेक जिला व उपखण्ड स्तरीय राजकीय समितियों में रहकर अपनी सेवाएं दे चुकी।
सामाजिक जीवन

वे सैनी समाज के क्रियाकलापों में भी लगातार सक्रिय रही हैं। सैनी महिला मण्डल की संयोजक रहने के अलावा उन्होंने अखिल भारतीय सैनी सेवा समाज की राजस्थान प्रदेश महिला इकाई का प्रदेश उपाध्यक्ष पद भी संभाला। सैनी समाज के पुष्कर अधिवेशन में उन्हें सम्मानित भी किया जा चुका। सैनी समाज लाडनूं व अन्य संस्थाओं में भी वे सम्मानित हो चुकी। वे अनेक एन.जी.ओ. में रहकर  तथा विभिन्न अन्य सामाजिक संस्थाओं में रहकर समाज सेवा के विभिन्न आयामों में कार्य कर चुकी। सैनी घोष मासिक, वेद भास्कर पाक्षिक व कलम कला पाक्षिक में वे बतौर पत्रकार भी प्रतिस्थापित हैं। वे अनेक पत्रकार संगठनों में जिला स्तरीय पदों को भी संभाल रही हैं।

                                                                                

माता-पिता के लिये राज्यकर्मियों के वेतन से 10 प्रतिशत कटौती की मांग
  लाडनूं।भारतीय जनता पार्टी की जिला मंत्री श्रीमती सुमित्रा आर्य ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को पत्र लिखकर मांग की है कि राज्य के समस्त कर्मचारियों के लिये यह व्यवस्था लागू की जावे कि उनके वेतन का 10 प्रतिशत हिस्सा अनिवार्य रूप से कटौती किया जाकर शेष का भुगतान उन्हें वेतन के रूप में किया जावे। जो 10 प्रतिशत कटौती की जावे, उसे उनके माता-पिता के खाते में सीधे जमा करवाया जावे, ताकि उनके भरण-पोषण की व्यवस्था संभव हो सके। पत्र में आर्य ने लिखा है कि सरकार द्वारा राज्य कर्मचारियों के वृद्ध माता-पिता को वृद्धावस्था पेंशन योजना से दूर रखा गया है। ऐसी स्थिति में उनका भरण-पोषण हो पा रहा है या वे उपेक्षित हैं, इसका सही आकलन संभव नहीं है। अगर वेतन कटौती याजना शुरू कर दी जाती है तो प्रदेश के अधिकांश कर्मचारियों के माता-पिता की देखरेख राज्य सरकार में निहित हो जायेगी और इससे कर्मचारी भी चिंतामुक्त बन सकेंगे। श्रीमती आर्य ने लिखा है कि हाल ही में महाराष्ट्र के कोल्हापुर में वसंतराव चौगुले को-आपरेटिव सोसायटी ने इस सम्बंध में पहल की है और अपने 150 कर्मचारियों के वेतन में 10 प्रतिशत की कटौती करके उसे उनके माता-पिता के जोइंट एकाउंट में डालना शुरू कर दिया है। इस तरह माता-पिता वृद्ध होकर भी अपनी जरूरतों को पूरी करने के लिये पैसे के लिये किसी के मोहताज नहीं रहते।